शुक्रवार, 10 सितंबर 2010

मनमोहन सिंह जी कहिं ये देश और इतिहास आपको महामूर्ख और निकम्मा प्रधानमंत्री के रूप में ना दर्ज कर दे.....


सरकार का काम पूंजीपतियों  के साथ मिलकर आम जनता को गिद्ध क़ी तरह नोचना नहीं बल्कि पूंजीपतियों को गिद्ध नहीं बनने देना है ....?
सड़ता अनाज और भूखे मरते लोग इस बात क़ी गवाह है क़ी भारत सरकार मूर्खों और निकम्मों के असंवेदनशील नेतृत्व क़ी वजह से गिद्ध बन चुकी है ...?


जरा सोचिये आपके घर के तिजोरी में रुपया और सोना -चांदी ठसा-ठस भरा है लेकिन आपका बच्चा एक parle G बिस्किट के पेकेट और एक दिन अच्छा खाना मिले इसके लिए तरस रहा है ,आपके पास साधन है अपना स्कूल खोलकर बच्चों को पढ़ाने क़ी लेकिन आपका लोभ-लालच बच्चे को किसी स्कूल में भी नहीं भेज रहा | अगर आप ऐसे घर के मुखिया हैं तो क्या आप महामूर्ख नहीं हैं ....?



कुछ ऐसा ही हाल हमारे देश का है हमारे देश का खजाना भरा हुआ है ,लूटेरे उसे लूट रहें हैं ,गरीब जनता के ऊपर अव्यवहारिक टेक्स लगाकर उसका खून चूसा जा रहा है |  विकाश के दौर में रोजमर्रा क़ी चीजें ,खाने-पीने क़ी चीजें,पेट्रोल-डीजल रसोई गैस इत्यादि क़ी चीजों के दाम आये दिन बढाकर आम लोगों को लूटा जा रहा है | बैंक मुनाफा कमा रहें हैं लेकिन आमलोगों के पास खाने और अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए पैसा नहीं है ...सरकार जनकल्याण क़ी वजाय दलाली को संरक्षण देकर मुनाफा कमा रही है ,देश विकाश कर रहा है लोगों का नैतिक और मानवीय पतन हो रहा है ,सत्य,न्याय और ईमानदारी मर रही है लेकिन देश का निर्माण हो रहा है | ऐसे तरक्की के चलते मेरा कुछ सुझाव है श्री मनमोहन सिंह जी से क़ी उनको अपनाकर इतिहास में अपने आपको महामूर्ख और निकम्मा प्रधानमंत्री के रूप में दर्ज होने से रोकें....


1 -अपने कार्यालय में एक भ्रष्टाचार निरोधक प्रकोष्ट बनाये जिसमे अन्ना हजारे जी तथा अरविन्द केजरीवाल जी जैसे समाज सेवकों को भी शामिल करें तथा देश में एक सर्वोच्च लोकायुक्त क़ी नियुक्ति क़ी प्रक्रिया को तुरंत अमल में लायें ,जिसे प्रधानमंत्री को भी सजा देने का अधिकार हो और जो देश भर से आये भ्रष्टाचार क़ी शिकायत क़ी गंभीरता से जाँच करे | प्रधानमंत्री के पद पर अगर भ्रष्ट और निकम्मा बैठा हो तो उसे सजा तुरंत मिलनी चाहिए बेशक एक आम आदमी क़ी सजा में देर हो जाय |


2 -पूरे देश के नागरिकों को लिखित में प्रधानमंत्री तक के कार्यों क़ी आलोचना निड़र होकर करने का आग्रह करें ,बिना आलोचना के तो बुद्धिमान से बुद्धिमान व्यक्ति भी महामूर्ख और निकम्मा हो जाता है |


3 -देश के ह़र गांव में प्रधानमंत्री कोष से एक इन्टरनेट से सुसज्जित जनसमस्या निवारण प्रयास केंद्र क़ी स्थापना करें जिसपे सरकार का नियंत्रण ना होकर पूरे गांव के नागरिकों का नियंत्रण हो और कोई भी उस गांव का नागरिक  इस केंद्र में 10 रूपये क़ी शुल्क अदाकार अपनी शिकायत दर्ज करा सके और देश और राज्य क़ी सरकार 180 दिनों के भीतर उस शिकायत पर न्यायसंगत और तर्कसंगत कार्यवाही के लिए बाध्य हो | सभी तीन दिन पहले किये गए सरकारी कार्यों क़ी जानकारी नेट पे ह़र-हाल में पूरे देश के लोगों के लिए सुलभ कराने का प्रयास करें ,इसके लिए बेशक कितना भी पैसा क्यों ना खर्च हो ...लेकिन यह बेहद जरूरी कार्य है इस देश और समाज के असल विकाश के लिए ...आज दिल्ली जैसे शहरों में भी एक ही कार्य के लिए कई बार ठेके जारी किये जाते हैं और पैसों क़ी कागजी लूट कर ली जाती है और जमीनी स्तर पे कोई काम नहीं होता है और अगर होता भी तो घटिया दर्जे का लेकिन लोगों को उसकी लागत का पता ही नहीं होता तो आम लोग उसकी जाँच और शिकायत करें तो कैसे ...? इस केंद्र को खोलने में एक लाख रुपया प्रति गांव और इसके संचालन पर ह़र महीने 10000 रुपया खर्च आएगा लेकिन इससे सरकार का ह़र महीने अडबों का गबन रुकेगा | ये केंद्र देश के प्रधानमंत्री और राज्यों के मुख्यमंत्री के लिए लोगों के दुखों को देखने और जानने में आँख और कान की भूमिका निभाएगा बशर्ते उसे देखने और सुनने वाला उस पर कार्यवाही करने वाला बने  ...?



4 -देश के प्रत्येक नागरिक को शिक्षा मिले इसके लिए देश के ह़र गांव जिसकी आवादी 10000 या उससे ज्यादा है में दो माध्यमिक विद्यालय तथा एक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ह़र-हाल में खोला जाय साथ ही देश के ह़र प्रखंड में एक तकनीकि महाविद्यालय तथा एक सामान्य महाविद्यालय भी ह़र-हाल में खोला जाय | इन विद्यालयों क़ी निगरानी करने का अधिकार उस क्षेत्र के आम नागरिकों को प्रदान किया जाय  | इसके लिए स्थानीय नागरिक भी आपको दिल खोलकर सहायता देंगे | सिर्फ शिक्षा का मुर्खता भरा ढोंग रचने से लोग शिक्षित नहीं होंगे ये जमीनी उपाय बहुत जरूरी है ...


5 -गांवों में लोगों को पशुपालन,गृह तथा कुटीर उद्योग के लिए उनकी ज़मीन को गिरवी रखकर बिना किसी जटिल प्रक्रिया के 4% वार्षिक व्याज के दरपर ऋण मुहैया कराया जाय और लोगों को बैंकों में ऋण के लिए आवेदन करने को कहा जाय साथ ही तीस दिनों में ऋण नहीं मिलने क़ी सूरत में बैंक और जिले के विकाश अधिकारी को निलंबित करने तक क़ी ठोस व्यवस्था क़ी जाय ,देश के ज्यादातर विकाश अधिकारी कुछ भी नहीं कर रहें हैं और मोटी तनख्वाह ले रहे हैं तथा भ्रष्टाचार के जरिये अकूत सम्पत्ति बनाने में व्यस्त हैं | देश का विकाश होगा कैसे ...?  जिनके पास ज़मीन ना हो उनको बीमा कराया हुआ गाय,भैस ,बकरी,मुर्गी इत्यादि पालन के लिए दिये जायें जिनसे उनको जीने का साधन उपलब्ध हो सके | कामयाब ग्रामीण ऋण धारक उधमियों को ऋण चुकता करते वक्त उनके उद्योग क़ी प्रगति क़ी सामाजिक जांचकर 30% अनुदान दिया जाय | ऐसा करने से किसान ऋण और मनरेगा जैसे भ्रष्टाचार को पोषण देने वाली योजनाओं क़ी कोई जरूरत ही नहीं पड़ेगी |




ये पाँच उपाय ऐसे हैं जो देश के असल विकाश को तुरंत जमीनी स्तर पर जिन्दा कर इस देश के लोगों में इंसानियत को भी जिन्दा रखने तथा ईमानदारी को अपनाने के लिए प्रेरित करेंगी  | इससे देश के आम लोगों को लगेगा की सरकार वास्तव में आम लोगों क़ी हितैषी है ..|




आप सभी ब्लोगरों से आग्रह है क़ी आपलोग भी इन उपायों क़ी खामियों और खूबियों के बारे में यहाँ प्रकाश जरूर डालें ...और यह भी बताएं क़ी हमारा सुझाव मुर्खता पूर्ण है या इस देश के प्रधानमंत्री का मूर्खतापूर्ण रवैया है इस देश के प्रति | आपका विचार और सुझाव बहुत ही महत्वपूर्ण है इस पोस्ट पर ...इसलिए सोच-विचार कर अपने बहुमूल्य विचार जरूर रखें ..|





बुधवार, 8 सितंबर 2010

इस देश में राष्ट्रपति के पद को ख़त्म कर राष्ट्रपति भवन को सत्य,ईमानदारी और न्याय क़ी रक्षा का भवन बना दिया जाना चाहिए ....

इस देश में सत्य,ईमानदारी और न्याय की स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है की एक बहादुर सेनानी तथा शोर्य चक्र विजेता जिसकी रहस्मय मौत की जाँच चार साल के अथक  प्रयास के बाद भी पूरी नहीं की जा सकी है ,शायद ये मौत भी सेना में फैले भ्रष्टाचार को उजागर करने के कैप्टेन सुमित कोहली के साहसिक प्रयास का नतीजा था ..?


इस देश क़ी अवस्था बहुत ही गंभीर है | इस देश में सत्य ,ईमानदारी और न्याय क़ी बड़ी ही दर्दनाक अवस्था है जिससे इंसानियत मरती जा रही है | 


इस देश का राष्ट्रपति वैसे कहने को तो इस देश का प्रमुख सेनापति है और तीनों सेना पर उसका नियंत्रण है ,लेकिन जमीनी हकीकत यह है क़ी शोर्य चक्र विजेता कैप्टेन सुमित कोहली क़ी संदेहास्पद अवस्था में मृत्यु 2006 में हुयी थी | आज चार साल से भी ज्यादा हो जाने के बाद भी कैप्टेन सुमित कोहली के पूरे परिवार तथा NDTV INDIA जैसे अन्य मिडिया के लगातार प्रयास के बाद भी इस संदेहास्पद मृत्यु की जाँच को ईमानदारी से पूरा नहीं किया जा सका है |


इससे जाहिर होता है की इस देश में सेना में भ्रष्टाचार और कुव्यवस्था का क्या हाल है | अनुशासन की जगह सेना में अनुशासन हीनता का सम्राज्य स्थापित होता जा रहा है और सर्वोच्च सेनापति को उसकी कोई चिंता ही नहीं और कड़ोरों रुपया इस सेनापति पे बहाया जा रहा है ,जिसकी शायद कोई जरूरत नहीं है |
इसलिए अब इस बहस को जन्म देने की जरूरत है की क्या राष्ट्रपति का पद इस देश के लिए जरूरी है और इस पद पर जनता के टेक्स का जो पैसा खर्च हो रहा है उसकी उपयोगिता क्या है ?


हमारे नजर में तो इस देश में राष्ट्रपति पे होने वाला खर्च वर्तमान में राष्ट्रपति के पद पर बैठे व्यक्ति की गतिविधियों और देश हित में किये गये उनके प्रयास के मद्दे नजर व्यर्थ ही नजर आता है |
इसलिए हमारे ख्याल से इस पद को समाप्त कर राष्ट्रपति भवन को पूरे देश के जनता द्वारा डाक से भेजे गये मतों द्वारा चुने गये एक सर्वोच्च लोकायुक्त के कार्यालय के रूप में बना दिया जाना चाहिए | जिसे सत्य और न्याय की रक्षा के लिए असीमित शक्ति प्रदान की जाय | इस लोकायुक्त को प्रधानमंत्री के ऊपर लगे किसी आरोप या शिकायत पर सुनवाई कर उसे सजा देने तक का अधिकार हो तथा देश का कोई भी नागरिक किसी भी IAS ,IPS और यहाँ तक की सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से सम्बंधित शिकायत को यहाँ दर्ज करा सके | देश की सभी जाँच एजेंसियां दिये गये समय में इसके निर्देशों पर जाँच को पूरी करने के लिए बाध्य हो | 



इस लोकायुक्त के सहायता के लिए बीस सदस्यों की एक टीम हो जिसमे पाँच इमानदार सेवानिवृत जज,पाँच श्री अन्ना हजारे जैसे समाज सेवक ,पाँच इमानदार नागरिक तथा पाँच सेवा निवृत श्रीमती किरण बेदी जैसे इमानदार IPS अधिकारी शामिल हो | 


अगर ऐसा किया जाय तो राष्ट्रपति भवन तथा उसपे होने वाले खर्चों की सही मायने में उपयोगिता नजर तो आएगी ही साथ-साथ सत्य,न्याय और ईमानदारी को पुनः स्थापित करने में मदद मिलेगी जिससे एक इमानदार नागरिक या एक इमानदार कैप्टेन के मां को न्याय के लिए सालों इंतजार ना करना परे और इस देश के लोगों को महसूस हो की हम एक ऐसे देश में रह रहें हैं जहाँ सत्य और न्याय जिन्दा है |

बुधवार, 1 सितंबर 2010

गुजरात सरकार का इमानदार IPS अधिकारियों के साथ ऐसा व्यवहार पूरे गुजरात और पूरी इंसानियत को शर्मसार करता है ...?

एक इमानदार पुलिस अधिकारी जिसने सत्य-न्याय को जीवित रखने के लिए सभी परेशानियाँ झेलने को तैयार होकर अन्याय और भ्रष्टाचार के सामने अपना और सत्य-न्याय का सर ऊँचा रखा | पूरा देश ऐसे व्यक्ति को हार्दिक नमन करता है और करता रहेगा |


कौन कहता है की इस देश में इमानदार लोग या इमानदार IPS नहीं हैं लेकिन इन निकम्मे नेताओं को उनका ईमानदारी भरा कार्य कभी पसंद ही नहीं आता है और ऐसे लोगों को हर तरह से परेशान करने की कोशिस की जाती है जिससे इमानदार IPS कानून की मर्यादा के लिए काम ना कर इन नेताओं के कुकर्मों को छुपाने के लिए काम  करने को मजबूर किये जाते हैं  | इनका परेशान करने का तरीका इतना भयावह है की अच्छे से अच्छा IPS अधिकारी भी थक-हारकर इनकी जी हजूरी करने लगता है  | जिससे कानून और व्यवस्था इन नेताओं के रखैल की तरह काम करने लगती है | शर्मनाक है ऐसी  हरकत ,इस तरह के नेताओं और मुख्यमंत्रियों के खिलाप इस घिनौनी हरकत के लिए सख्त कानून बनाने की जरूरत है जिससे ईमानदारी को इस तरह से हतोत्साहित करने वाले नेताओं को जेल में डाला जा सके |




अभी ईमानदारी को हतोत्साहित करने की ताजा घटना ये है की 1976 बैच के IPS अधिकारी श्री कुलदीप शर्मा को गुजरात सरकार ने 1984 के 26 साल पुराने एक मामले F .I .R दर्ज कर परेशान करने की शर्मनाक साजिश रची जिसे गुजरात हाई कोर्ट ने निरस्त कर श्री कुलदीप शर्मा को उनके ईमानदारी का इनाम दिया | लेकिन इस फैसले से नरेंद्र मोदी सरकार के व्यवस्था की काली सच्चाई उजागर हुयी और यह पता चला की एक इमानदार IPS जो सत्य-न्याय के अनुसार काम करना चाहता है उसे नरेंद्र मोदी की सरकार किस तरह से परेशान और अपमानित करती है |




गुजरात सरकार की इस  शर्मनाक हरकत का हर नागरिक को पुरजोड़  विरोध करना चाहिए | नरेंद्र मोदी जी में अब भी अगर कुछ शर्म बाकीं हो और इमानदार लोगों की सही कद्र करने की इक्षा हो तो तुरंत श्री कुलदीप शर्मा जो की एक पुलिस अधिकारी हैं को पुलिस विभाग में तुरंत वापिस लेकर उनको एक सम्माननीय जगह पदस्थापित कर अपनी शर्मनाक हरकत के लिए अफ़सोस जाहिर करे..



अगर मोदी सरकार ऐसा नहीं करती है तो श्री कुलदीप शर्मा ने अदालत में याचिका तो लगायी ही है की मोदी सरकार उससे गलत काम करवाना चाहती थी जिसके नहीं करने की वजह से उनको पुलिस विभाग से बाहर काम में लगा दिया है | श्री शर्मा के आरोप में सच्चाई और ईमानदारी की सुगंध है और इसपर जब फैसला आएगा तो मोदी की गुजरात सरकार पूरे देश में एक बार फिर शर्मसार होगी ..!

सोमवार, 23 अगस्त 2010

देश के पूर्व व वर्तमान अधिकारी भी मानते हैं क़ी भ्रष्टाचार के खिलाप आवाज को ह़र गांव में बुलंद करना होगा ...







कल रविवार 22/08/2010 को दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर लोधी रोड में INDIA REJUVENATION INITIATIVE (IRI)की मीटिंग में देश के कई  इमानदार पूर्व अधिकारी उपस्थित थे | हालांकि इस मीटिंग में सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व  मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश चन्द्र लाहोटी साहब और देश के इमानदार पुलिस अधिकारी श्री जसवीर सिंह जी किसी कारणवश उपस्थित नहीं हो पाये लेकिन श्री सुनील कुमार जी (IAS),श्री विजय शंकर पाण्डेय जी (IAS),श्री बी .आर .लाल(भूतपूर्व D.G.P),श्री राजू शर्मा जी (IAS),श्री जाविद चौधरी  (भूतपूर्व सचिव   भारत  सरकार ) इत्यादि  जैसे  बुद्धिजीवियों  ने देश और समाज  के प्रति अपने ईमानदारी भरे सोच से इस मीटिंग में एक ठोस रणनीति बनाने पर चर्चा किया |

इस मीटिंग में सामाजिक कायकर्ता के रूप में श्री राम बंसल जी (खंडोई,बुलंदशहर)से,श्री सुखराम कोली(एक इमानदार विधायक ,बसेरी,धौलपुर राजस्थान से ,श्री महेश मानव (अध्यक्ष आर्थिक चेतना मंच तथा सामाजिक कार्यकर्त्ता ,दिल्ली) और HPRDINDIA.ORG (HONESTY PROJECT)  के तरफ से मैं स्वयं भी उपस्थित था | 


इस मीटिंग में इस बात पर गंभीरता से चर्चा हुयी की देश में हर क्षेत्र के अच्छे,सच्चे,इमानदार और देशभक्त लोग एक होकर इस देश से भ्रष्टाचार को मिटाने तथा गरीबों तक विभिन्न योजनाओं का पैसा कैसे ईमानदारी से पंहुचे  के लिए एकसाथ काम कर सकते हैं | सभी लोग इस बात से बहुत दुखी दिखे जब मैंने कहा की बिहार के सीतामढ़ी के क्ष्रीखंडी भिट्ठा ग्राम के ग्रामीण बैंक में ग्रामीणों  के किसान ऋण पर दलालों और बैंक कर्मचारियों ने मिलकर 30 से 70 प्रतिशत तक कमीशन खाया और लिखित शिकायत करने पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुयी और भ्रष्ट बैंक मेनेजर अभी भी उसी बैंक में कार्यरत है ,जब श्री राम बंसल जी ने यह कहा की बलात्कारी को सजा दिलाने की प्रक्रिया में उनके ऊपर ही बलात्कारी के पत्नी के द्वारा बलात्कार का झूठा आरोप लगाने की साजिश रची जाने लगी तब भी सभी सदस्य काफी अचंभित और चिंतित दिखे समाज और देश की स्थिति को जानकर |

श्री सुखराम कोली(विधायक) ने जब कहा की उनके विधायक रहते हुए भी उनके अच्छे कामों में पुलिस और प्रशासन का समुचित सहयोग नहीं मील रहा है ,गांवों में छात्र और छात्राओं को अध्यापन के लिए सहयोग नहीं दिया जाता है तो सदस्यों ने कहा की हम लोग मिलकर देखते हैं की कैसे सरकारी योजनाओं को ईमानदारी से असल जरूरतमंद तक पहुँचाया जा सकता है और हम लोग मिलकर इस दिशा में कैसे एक दुसरे को सुरक्षा व सहायता पहुंचाते हुए मजबूती से इस देश व समाज के लिए कुछ अच्छा और प्रभावी कर सकते हैं ...!

इस मीटिंग की सबसे बड़ी बात यह रही की सभी लोग इस बात पर लगभग सहमत दिखे की जमीनी स्तर यानि गांवों में भ्रष्टाचार के खिलाप आवाज को बुलंद करना होगा क्योंकि भ्रष्टाचार किया तो जाता है ऊपर के भ्रष्ट अधिकारियों और मंत्रियों द्वारा लेकिन भ्रष्टाचार के पैसे को लूटा जाता है गांवों में योजनाओं को झूठा क्रियान्वित दिखाकर ,इसलिए इसके झूठ को वहीँ से पकड़कर दोषी लोगों के खिलाप कार्यवाही की प्रक्रिया को मजबूती तथा शिकायतकर्ता को सुरक्षा देकर भ्रष्टाचार और घोटालों को कारगर तरीके से रोका जा सकता है साथ-साथ इस बात की भी जरूरत है की लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक व निडर बनाकर कर्तव्यों के प्रति लगाव भी पैदा किया जाय | 


सदस्यों ने सामाजिक कार्यों में हरसंभव सहयोग और सहायता का भी आश्वासन दिया और अपने विचारों व सुझावों का भी आदान-प्रदान किया | कुल मिलाकर इसे इस देश और समाज से भ्रष्टाचार को मिटाने तथा व्यवस्था को सही करने की दिशा में एक सराहनीय कदम कहा जा सकता है | चूँकि इस मीटिंग से समाज में जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे लोगों की भी उपस्थिति दर्ज हुयी है (IRI) के मीटिंग में इसलिए हम आशा करते हैं की (IRI) के अगले मीटिंग में ऐसे सच्चे सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति बढ़ सकती है जिससे भ्रष्टाचार के खिलाप आन्दोलन को मजबूती मिलना तय है | हो सकता है की अगले मीटिंग में कुछ और ब्लोगर को भी मैं इस मीटिंग में IRI के सदस्यों के इजाजत से बुला सकूँ |

शुक्रवार, 30 जुलाई 2010

दिल्ली क़ी जनता से और दिल्ली के ब्लोगरों से आग्रह कोमनवेल्थ प्रोजेक्ट के सभी कार्यों क़ी निडरता से जाँच करें और उसमे हुए घोटालों क़ी रिपोर्ट CVC ,प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को कार्यवाही के लिए जरूर भेजें ...

इन बसों कि हालत और कीमत भ्रष्टाचार कि दर्दनाक कहानी कहती है ,49 लाख कि है यह बस ..?

ये एक नजारा है उस गेम के लिए बन रहे प्रोजेक्ट का | इस गेम के नाम पर बिना जरूरत के कामों को जनता का खून चूसकर और उनके बहुमूल्य टेक्स के पैसों को अपने बाप का पैसा समझकर बेदर्दी से पानी कि तरह बहाकर लूटा गया | एक तरफ जनता पानी,बिजली शिक्षा के लिए तरस रही है दूसरी तरफ लूट मची है ,वाह रे दिल्ली और हमारा इंडिया ..


आज देश के केन्द्रीय सतर्कता आयोग ने कोमनवेल्थ प्रोजेक्ट में कड़ोरों के घोटाले का भंडाफोर कर दिया है इस लिंक पर जाकर पढ़ें -
http://cvc.nic.in/cwgpress2972010.pdf   

हमने अपने ब्लॉग पे हमेशा इस गेम के पीछे के भ्रष्टाचार के गेम के बारे में लिखा है और भी कई ब्लोगरों ने इस गेम के भ्रष्टाचार को बरी गंभीरता से अपने ब्लॉग पर पेश किया है | दरअसल इस गेम ने दिल्ली को कई दशक पीछे और इंसानियत को पूरी तरह रुलाने का काम किया है | इस गेम के नाम पर जो भ्रष्टाचार का नंगा खेल खेला गया है वैसा नंगा खेल कभी नहीं खेला गया था | इस आपराधिक और इंसानियत को शर्मसार करने वाले खेल के पीछे के भ्रष्टाचार के खेल का खुलासा पूरी तरह तब हो पायेगा जब मुख्यमंत्री और मंत्री पद के सम्मान को धक्का लगाकर कड़ोरों रुपया बनाने वालों का ब्रेनमेपिंग और लाई डिटेक्टर टेस्ट जनहित में कराया जायेगा | क्योंकि ये ही असल अपराधी हैं इस गेम के पीछे के भ्रष्टाचार के गेम के | ये लोग मानवता के दुश्मन हैं | देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को CVC के रिपोर्ट पर  ईमानदारी से दोषियों पर सख्ती के साथ कार्यवाही करनी चाहिए | सारा देश इनकी ओर देख रहा है भ्रष्टाचार से छुटकारा पाने के लिए |

अतः दिल्ली क़ी जनता से और दिल्ली के ब्लोगरों से आग्रह है कि कोमनवेल्थ प्रोजेक्ट के सभी कार्यों क़ी निडरता से जाँच करें और उसमे हुए घोटालों क़ी रिपोर्ट CVC ,प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को कार्यवाही के लिए जरूर भेजें ... याद रखिये देश का कोई भी कानून सत्य को सामने लाने ,घोटालों कि सामाजिक व जमीनी जाँच करने तथा अगर कोई मंत्री भ्रष्टाचार कर रहा हो तो उसके कारनामों को उजाकर कर उसे सजा दिलाने के लिए प्रयास करने से किसी भी नागरिक को नहीं रोकता है | आप सभी को किसी भी सरकारी कार्यों में हो रही हेरा फेरी कि जाँच करने तथा निगरानी करने का अधिकार है |
हमने अपने कुछ पिछले पोस्टों में इस गेम के अन्दर के गेम के बारे में लिखा था  साथ ही हस्ताक्षर अभियान भी चलाया था ,अगर आप चाहें तो लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकतें हैं -

http://honestyprojectrealdemocracy.blogspot.com/2010/03/blog-post_23.html




सोमवार, 26 जुलाई 2010

नितीश जी के बिहार में बाढ़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन सिर्फ और सिर्फ भ्रष्टाचार का प्रबंधन करता है ....

वैसे तो बिहार में ह़र वर्ष बाढ़ और आपदा प्रबंधन पर सैकरों कड़ोर रूपये खर्च होते हैं ,लेकिन बाढ़ और आपदा पर नियंत्रण के कोई भी ठोस और सार्थक प्रयास आपको कहिं भी नजर नहीं आएगा | ह़र जगह बाढ़ और आपदा प्रबंधन के नाम पड़ भ्रष्टाचार का प्रबंधन बड़ी ठोस तरीके से किया जा रहा है | कुछ तस्वीर है बिहार के उस जिले और गांव क़ी जहाँ सालो से बाढ़ नियंत्रण पर कड़ोरों रुपया खर्च होने के बाद भी ह़र बारिस में ऐसा नजारा होता है | 

ये जिला है बिहार का सीतामढ़ी | अगर इस जिले के बाढ़ और आपदा नियंत्रण के खर्चों क़ी जाँच  सीबीआई से ईमानदारी से करायी जाय तो मंत्री,डीएम सहित कई अधिकारी पर अनियमितता तथा आपराधिक लापरवाही से भरे भ्रष्टाचार कि गाज गिर  सकती है ....

ये है भिट्ठा ग्राम के पुलिस चौकी का हाल जहाँ लोगों  को रोज अपनी शिकायत व समस्याओं के लिए जाना होता है |

ये है वहाँ NH के बगल में रह रहे ग्रामीणों का हाल |

ये है भिट्ठामोर चौक का भारत और नेपाल को जोड़ने वाली रोड का हाल |

ये है सीमा सशस्त्रबल के भिट्ठा ग्राम के चोकी का हाल |

ये है भिट्ठा ग्राम के गरीब ग्राम बासियों का हाल , बाढ़ के पानी में जीना उनके जीवन का अंग बन गया है और भ्रष्टाचार का खेल बेशर्मी से जारी है |

ये है भिट्ठामोर के मुख्य व्यवसाय केंद्र का हाल ,यानि भिट्ठामोर चौक |


शुक्रवार, 16 जुलाई 2010

मिलिये इस देश के असल प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति से........

आज शाम 08:23 मिनट पर एक व्यक्ति का फोन आया,मैं बता नहीं सकता कि उस व्यक्ति से बात कर मुझे कितनी खुशी हुयी | मुझे उस व्यक्ति से बातकर ऐसा लगा जैसे हमारे देश का एक इमानदार प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति का फोन हो | उस व्यक्ति का नाम है ब्रह्मपाल प्रजापति उर्फ़ आजाद पुलिस ,निश्चय ही इस व्यक्ति को हमारे देश का प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति होना चाहिए था ,मेरा दावा है कि जिसदिन ऐसे इमानदार व देशभक्त लोग हमारे देश के प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति के पद कि शोभा बढ़ाएंगे उस दिन इस देश में असल आजादी,ईमानदारी व देशभक्ति आयेगी | यह हम सब और पूरे हिंदुस्तान का दुर्भाग्य है कि ऐसे लोग रिक्शा चला रहें है और सत्य व न्याय कि राह पर चलते हुए महात्मा गाँधी कि तरह कई बार जेल भी जा चुके हैं | इस महान व्यक्ति को किसी ने मोबाईल मुहैया कराया है जिसका नंबर है -09654829179 | मैं बहुत जल्द इस व्यक्ति से मिलने जाऊंगा और इस व्यक्ति से मिलकर मुझे अभूतपूर्व प्रसन्नता होगी | इस व्यक्ति से हमें परिचय कराने वाले श्री पदम् सिंह जी है जिनके सार्थक ब्लॉग लेखन का मैं आभारी हूँ | सही मायने में ब्लोगिंग ऐसे लोगों को ही समाज में सम्मानित रूप से प्रस्तुती का नाम है और इसी से इंसानियत जिन्दा होगी |




आजाद पुलिस रिक्शा चलाते हुए ,इस व्यक्ति को रिक्शा चलाकर भी देशभक्ति व ईमानदारी  निभाने में कोई शर्म और लज्जा महसूस नहीं होती है | कास मनमोहन सिंह जी और शरद पवार इस व्यक्ति से कुछ ईमानदारी और देशभक्ति उधार ले पाते | ब्रह्मपाल प्रजापति जी से देश  के ह़र व्यक्ति को ईमानदारी व देशभक्ति का सबक जरूर सीखना चाहिए |आप सबसे आग्रह है खासकर गाजियाबाद के ब्लोगरों से कि आप आजाद पुलिस कि हरसंभव सहायता व सहयोग जरूर करें |

शाबास आजाद पुलिस आप पर समूचे देश को गर्व है | आप इस देश के जीवित भगत सिंह,खुदीराम बोश,चंद्रशेखर आजाद,डॉ.राजेन्द्र प्रसाद व महात्मा गाँधी हैं तथा आज के असल प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति हैं |





पदम् सिंह जी जिन्होंने एक देशभक्त व सच्चे इंसान के बारे में लोगों को ब्लॉग लेखन के माध्यम से बताकर सार्थक ब्लॉग लेखन का अनुकरणीय व सराहनीय प्रयास किया | आपलोग भी इनके ब्लॉग पर जाकर आजाद पुलिस के सच्चे देशभक्ति के कारनामों को पढ़ सकते है -http://padmsingh.wordpress.com/2010/07/11/



इस ब्लॉग को पढ़ने वाले और इस वक्त पढ़ रहे लोगों के शहर की जानकारी ...